Tuesday, September 27, 2016

तनहाई




सालों से इक तरफ़ा इश्क़ है मुझसे उसे
हरदम साथ रहती है साये की तरह
अब ये वादा है तन्हाई तुझसे
तेरा इश्क़ अब इक तरफ़ा न रहेंगा..
सच अब टूट कर मोहोब्बत होंगी
सच अब झूठ पर मोहोब्बत होंगी
आँखे मेरी होंगी आँसू तेरा बहेगा
तेरा इश्क़ अब इक तरफ़ा न रहेंगा ..
तू रोज़ नया लिबास पहनकर आती है
ख़ुबसुरत और खास बनकर आती है
रोज़ दर बदलते है आने के तेरे
रोज़ तू चारासाज़ बनकर आती है
कभी दिल ढूंढता था बहाने जाने के तेरे
वादा है इक और तुझसे
दिल, ग़म, दर्द, याद
ऐसा कोई चर्चा न रहेंगा
तेरा इश्क़ अब इक तरफ़ा न रहेंगा..
तुझसी कोई जहां में वफ़ा क्या करे
ज़ख्म से इश्क़ हो तो दवा क्या करे..


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